भाजपा अच्छी या कांग्रेस ?
आज भारत मे सभी जगह कांग्रेस और भाजपा प्रेमी आपस मे लड़ते दिखाई दे रहे है , हमने भी सोचा कि दृश्य कुछ साफ कर दिया जाए कि लोग किसे चुने, पर ये इतना भी आसान नही है तो हम इसकी विवेचना अलग अलग चरणों मे करेंगे , आज देखते है कि सम्प्रदायिक दंगो में किसका ज्यादा बड़ा हाथ है ।
भारत के कुछ बड़े साम्प्रदायिक दंगे:
1. भागलपुर दंगा सन: 1989
राज्य सरकार: कांग्रेस
केंद्र सरकार : कांग्रेस
आरोप लगा जिनपर: SSP के एस द्विवेदी
SSP के तबादले का विरोध किया विश्व हिन्दू परिषद व भाजपा ने
मरने वालों की संख्या करीब 1500 जिसमे 93% मुस्लिम थे।
दंगे की शुरुआत:
मुस्लिम बहुल इलाके से रामशिला जुलूस जा रहा था ,तनाव की स्थिति पहले से ही थी फिर भी पुलिस ने जाने दिया ,नारे थे 'हिंदी हिन्दू हिंदुस्तान मुल्लों जाओ पाकिस्तान, 'बच्चा बच्चा राम का, बाकी सारे हराम का' और फिर जुलूस में बम आ गिरा एक हताहत कोई हुआ नही भीड़ शांत हो सकती थी पर दंगा शुरू होने दिया गया।
भागलपुर को कर्बला बना देंगे
ये भाषण था ssp का , वो मुस्लिमों को मारने की बात कह रहे थे, इसके लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने ssp से माफी भी मंगवाई थी , एक रिपोर्ट भी था जिसे बाद में किसी के प्रभाव में हाई कोर्ट से हटा दिया गया था जो ये है,
अक्टूबर-नवंबर 1989 में जो भागलपुर दंगा हुआ, उसमें हुए नरसंहार के लिए हम भागलपुर के तत्कालीन सीनियर सुपरिटेंडेंट (SSP) के एस द्विवेदी को जिम्मेदार मानते हैं. 24 अक्टूबर (दंगा शुरू होने की तारीख) से पहले जो हुआ, 24 अक्टूबर और इसके बाद की तारीखों में जो हुआ, उन सबके लिए SSP द्विवेदी पूरी तरह जिम्मेदार हैं. जिस तरीके से उन्होंने मुसलमानों को गिरफ्तार किया और उनकी हिफाजत के लिए पर्याप्त कोशिश नहीं की, उससे साफ पता चलता है कि वो सांप्रदायिक तौर पर मुसलमानों के खिलाफ कितने पक्षपाती हैं.
– कमीशन ऑफ इनक्वायरी (CoI) का हिस्सा. पटना हाई कोर्ट ने रिट संख्या 5259 पर फैसला सुनाते हुए इस हिस्से को निकाल दिया था.
वहाँ की पुलिस ने दंगे पर काबू पाने आई सेना को भी गुमराह किया और उनकी सही से सहायता नही की क्योंकि वहाँ के पुलिस पर भी खुद मुसलिमों को मारने के लिए उकसाने का आरोप लगा है।
कुँए में लाशें हैं
बस एक अफवाह फैली रैली में कि हिंदुओं को मारकर कुएं में फेंक दिए है और किसी मुस्लिम परिवार को मारकर 12 लोगो को काटकर कुएँ में डाला गया जिसे बाद में bsf ने निकाला, इसके अलावा एक घर मे 70 लोगों को सामूहिक रूप से मारा , बुजुर्ग को खटिया से बांध कर जला दिया गया आप वो मंजर सोच सकते हो कैसा होगा, बच्चों को तलवार से काट दिया गया। सरकारी आकड़ो के हिसाब से 1000 लोग मारे गए।
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| भागलपुर में बिछी हुई लाशें |
कामेश्वर यादव नामक गैंगस्टर गिरफ्तार हुआ इस दंगे के पीछे बड़ा हाथ साबित हुआ उसका, ssp के एस द्विवेदी अब बिहार में DGP हैं।
भागलपुर झांकी है बाबरी अभी बाकी है
ये दंगा यहीं खत्म नही हुआ यहीं से आगे बाबरी मुम्बई और गोधरा शुरू हुआ जिसे हम आगे की कड़ी में देखेंगे कि वहां कौन जिम्मेदार था।
निष्कर्ष:
सरकार थी कांग्रेस की दोनो जगह फिर भी शांत करने में नाकाम रही, रैली थी विहिप और भाजपा की , कांग्रेस का वोटबैंक गया और भाजपा का बढ़ा ,शायद कांग्रेस भी बहुसंख्यक वोट बढ़ाना चाहती थी,
एक पार्टी ने दंगा रोकने की कोशिश की होती या दूसरी दंगा शुरू नही करने देती तो हजारों जाने बच जाती।
जयहिंद
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