भाजपा या कांग्रेस ?
आज किसी दूसरे दंगे पर नज़र डालते है जिसने पूरे भारत पर एक दाग लगाया जो बाबरी मस्ज़िद विध्वंस के बाद हुआ।
आप इसे इंसान के नज़र से समझे कि किस तरह लोग मारे जाते हैं,
मुम्बई दंगा 1992
केंद्र सरकार :कांग्रेस
राज्य सरकार:कांग्रेस
रिपोर्ट :
श्रीकृष्ण कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर,1992 और जनवरी, 1993 के दो महीनों के दौरान हुए हुए दंगो में 900 लोग मारे गए थे. इनमें 575 मुस्लिम, 275 हिंदू , 45 अज्ञात और पांच अन्य थे. सुधाकर नाइक की कांग्रेस की सरकार इन दंगों पर काबू पाने में पूरी तरह से असमर्थ साबित हुई और आखिरकार सेना को बुलाना पड़ा था.
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| Source: bhindi bazaar.in |
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| Source:indianexpress |
श्रीकृष्ण कमीशन की रिपोर्टमें 31पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया गया था और शिवसेना और बाला साहेब ठाकरे के भड़काऊ भाषणों को भी इसके लिए जिम्मेदार करार दिया था.
शिवसेना संसद मधुकर सरपोतदार और दो नेताओं को सजा हुई।
सिर्फ हम ही हम है तो क्या हम हैं
ये हम की भावना ही देश मे दंगे करवाती है ,अगर भागलपुर दंगा न हुआ होता ,अगर बाबरी मस्जिद न गिराई गयी होती तो ये भी दंगा न होता, हम सर्वश्रेष्ठ है सब हमारा है ,ये भावना एक दुसरे के लिए नफरत भरता है मन मे ।
दो भागों में दंगा देखने को मिला पहला जो बाबरी मस्जिद के गिराए जाने और फिर हर जगह उसका जश्न मना के चिढ़ाने के कारण हुआ और बदले में फिर हिन्दू सम्प्रदाय के लोगो को मारा गया फिर दूसरा जब मुस्लिमों को मारा गया ,कहीं पर लोग जलाकर मारे गए तो कहीं तलवार से कहीं गोली से तो कहीं मार मार कर ।
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| Source:news click.in |
फिरसे काँग्रेस सरकार एक और दंगा पर काबू नही कर पाई और भाजपा समर्थक शिवसेना मुख्य भूमिका में रही।
अब आगे क्या?
क्या अब नफरत लेकर जिये ? क्या हमारे आज हिन्दू मुस्लिम दोस्त नही है? क्या कल उनका लाश देख सकते है? उनके कटे शरीर को बटोरते या उन्हें जिंदा जलते देख सकते है? नहीं कभी नही
तो आज जो माहौल बन रहा है जिसमे लोग उग्र है ,क्या होगा कल को राम मंदिर पर फैसला आएगा तो? फिर दंगा हो सकता है! कट्टरपंथी सोच से दूर रहे चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम ,वही पार्टी चुने जो विकास करे पर लाशों पर नही।
जय हिंद
For bhagalpur riot details https://hindihamara.blogspot.com/2018/12/bjp-vs-congress.html?m=1
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